11 दिनों में 1000 KM साइकिल चलाकर किसानों को समर्थन देने पहुंचे 60 वर्षीय बुजुर्ग

दिल्ली: बिहार के सीवान ज़िले के एक बुजुर्ग, पिछले 11 दिनों में 1000 किलोमीटर साइकिल चलाकर यात्रा करके देश के किसानों को समर्थन देने के लिए पहुँचे हैं. ये बुज़ुर्ग अपने गंतव्य से 1000 किलोमीटर दूर, दिल्ली-हरियाणा के टिकरी बॉर्डर पर पहुंचे हैं. खबर के मुताबिक इस बुज़ुर्ग का नाम सत्यदेव मांझी है.

सत्यदेव माँझी ने, किसानों के बीच पहुंचकर ए एन आई न्यूज़ एजेंसी से बात की और उन्होंने उनके ज़रिये केंद्र सरकार से अपील की है कि किसानों के भलाई के लिए वह इन सभी तीनों नए बनाए, क्रषि कानूनों को वापस ले लें. सत्यदेव मांझी बताते हैं कि मुझे अपने गृह ज़िले से इन किसानों के पास पहुंचने में पूरे 11 दिन का वक्त लग गया.

1000 KM साइकिल चलाकर बुज़ुर्ग पहुंचे किसानों को समर्थन देने

सीवान से ए इस बुज़ुर्ग सत्यदेव माँझी का कहना है कि अब मैं इनके साथ, किसान आन्दोलन में जब तक रहूंगा जब तक कि यह किसान आंदोलन खत्म नहीं हो जाता. जैसा कि आप जानते हैं कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर किसान 26 नवंबर से लगातार सरकार के बनाये किसान कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

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इन किसानों ने केंद्र सरकार से इस आंदोलन के ज़रिये ये मांग कि है कि वे इन तीनों नए बनाये कृषि कानूनों को वापस ले लें. हालाँकी किसान संगठनों और सर्कार के बीच बातचीत का दौर भी चला, लेकिन 6 बार कि बातचीत के दौर में इस मसले का कोई भी हल नहीं निकला.

इसके बाद से इन किसानों की तरफ से सरकार को लिखित में ये बता दिया गया है कि वे अब सरकार के द्वारा दी गयी किसी भी तरह की पेशकश की मांग को स्वीकार नहीं करेंगे, और न ही हमें इन बिलों में किसी भी तरह का संशोधन चाहिए.

किसानों की मांग है कि सीधा-सीधा इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लिया जाये. ये उनके हित में नहीं है. अब देखना यह है कि केंद्र सरकार इतने दिनों के बाद किसानों के हित को देखते हुए, इन तीनों कृषि कानूनों को वापस लेती है या नहीं.

किसान आंदोलन में आए हुए पंजाब और हरियाणा से सबसे ज्यादा लोग हैं. हालांकि देश के कई और राज्यों के किसान भी इसमें शामिल हैं, अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह किसान आंदोलन कितना लंबा चलता है और देश की केंद्र में बैठी सरकार इनके बारे में क्या सोचती है.

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