किसान आंदोलन से 40 सीट खोने का अनुमान, अमित शाह, जेपी नड्डा सहित बड़े नेताओं ने किया मंथन

कृषि कानूनों को लेकर सबसे अधिक नाराजगी पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान, भारतीय जनता पार्टी के सूत्रों के मुताबिक इन राज्यों में हो रही खाप पंचायतों के मद्देनजर यह बैठक बुलाई गई है.

अक्सर यह कहा जाता है कि जनता के बड़े आंदोलन यह तय करते हैं कि सत्ता के गलियारों में कौन रहेगा और कौन नहीं। ऐसे में बीते तीन महीनों से दिल्ली में चले आ रहे किसान आंदोलन के बाद अब भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के बीच यह चिंता सताने लगी है कि आने वाले समय में जनता का उनकी पार्टी की तरफ क्या रुख रहेगा।

बता दें कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की सरकार बीते साल कृषि के तीन नए अध्यादेश लेकर आई जिसके बाद से ही देश भर के किसान इन अध्यादेशों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं किसानों का मानना है कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए यह तीनों कानून उनकी आय को और गिरा देंगे। हलाकि किसान और सरकार के बीच अभी तक कई वार्ताएं हुई लेकिन अभी तक कोई हल नहीं निकल पाया है।

आंदोलन के चलते 40 सीटों का हो सकता है नुकसान

बता दें कि तीन महीनों से देशभर के किसान दिल्ली की सीमाओं पर कृषि कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं लेकिन इन किसानों में पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के किसानों की संख्या सर्वाधिक है ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कृषि कानूनों के विरोध में चल रहा है यह आंदोलन अब जाट वेल्ट की ओर बढ़ता जा रहा है। जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ सकता है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में इस मसले पर एक बैठक बुलाई गई इस बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के नेता मौजूद थे।

यही नहीं इस बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष राजकुमार चाहर सहित कई और नेता भी मौजूद रहे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि किसान आंदोलन के चलते सरकार को 40 लोकसभा सीटों का डर सताने लगा है।

वहीं दूसरी तरफ इन राज्यों में लगातार खाप पंचायतें हो रही हैं जिसके मद्देनजर दिल्ली में यह बैठक बुलाई गई। लेकिन अब देखना होगा कि महीनों से चले आ रहे किसान आंदोलन पर सरकार का रुख अपनाती है।