देशभर में 15 करोड़ यूजर्स वाले आरोग्य सेतु ऐप के गोलमोल जवाब के बाद आख‍िर सच्चाई आई सामने

आरोग्य सेतु ऐप को लेकर सूचना आयोग और सरकार आमने-सामने आ गए है. सुचना आयोग के विवा’द के बाद अब भारत सरकार की तरफ से इसे लेकर सफाई दी गई है. इसे लेकर सरकार ने बताया कि कोरो’नो वायरस से ल’ड़ने में मदद के लिए रिकॉर्ड समय में सार्वजनिक-निजी सहयोग से आरोग्य सेतु ऐप को तैयार कराया गया था. इसके साथ ही से काफी हद तक पारदर्शी तरीके से विकसित किया गया था.

सुचना आयोग की कड़ी टिप्पणी के बाद सरकार ने कहा कि आरोग्य सेतु ऐप को करीब 21 दिनों के रिकॉर्ड वक्त के अन्दर विकसित कर दिया गया था.

सरकार ने सुचना आयोग और लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि आरोग्य सेतु ऐप के मामले में किसी भी तरह का कोई भी संदेह नहीं होना चाहिए और यह देश भर में घात’क कोरोना म’हामारी को रोकने में मदद करने में काफी बड़ी और अहम भूमिका निभाता रहा हैं.

आपको बता दें कि हाल ही में केंद्रीय सूचना आयोग ने नेशनल इन्फॉर्मेटिक सेंटर (NIC) से आरोग्य सेतु को लेकर जवाब माँगा था. मंगलवार को सूचना आयोग ने सरकार से पूछा कि जब आरोग्य सेतु ऐप के वेबसाइट पर उनका नाम दर्ज है, तो फिर उनके पास ऐप के डेवलपमेंट को लेकर को किसी तरह की कोई डिटेल क्यों नहीं है?

सूचना आयोग ने इस मामले को लेकर कई चीफ पब्लिक इन्फॉर्मेशन अधिकारियों (CPIOs) सहित नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और NIC को कारण बताओ नोटिस थमाए.

इसके साथ ही आपको बता दें कि कोरोना वाय’रस के बीच केंद्र सरकार ने कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए इस्तेमाल करने के लिए जारी किया. सरकार ने आरोग्य सेतु ऐप को काफी बढ़ावा दिया.

वहीं आरोग्य सेतु ऐप की वेबसाइट के मुताबिक इसे नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर और आईटी मंत्रालय के द्वारा डेवलप किया गया है. लेकिन इस ऐप को लेकर मंत्रालय और NeGD द्वारा एक आरटीआई में कहा गया था कि उनके पास इसकी कोई जानकारी नहीं है कि इस ऐप को किसने द्वारा डेवलप किया गया है.

साभार- एनडीटीवी