बुल्ली बाई ऐप केस: मुसलमान औरतों को नीलाम करने के आरोपियों को बेल देते हुए कोर्ट ने कहा…

मुसलमान महिलाओं को बुल्ली बाई ऐप (Bulli Bai app) पर नीलाम करने और उन पर अभद्र टिप्‍पणी करने के मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोतियों को मुंबई सेशन कोर्ट ने जमानत दे दी हैं। बुल्ली बाई ऐप (Bulli Bai app) मामले में नीरज बिश्नोई, नीरज सिंह और ओंकारेश्वर ठाकुर को गिरफ्तार किया गया था, जिन्‍हें कोर्ट ने अब जमानत पर रिहा कर दिया हैं।

मुंबई पुलिस ने जनवरी, 2022 में तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया था। पुलिस के अनुसार नीरज बिश्नोई ने बुल्‍ली बाई ऐप बनाया था जबकि इसके लिए सोर्स कोड ओंकारेश्वर ठाकुर ने दिया था। वहीं नीरज सिंह ने तस्वीरें सर्कुलेट की थीं।

कोर्ट ने आरोपियों को बेल देते हुए क्‍या कहा?

इस मामले में तीनों आरोपियों पर नफरत फैलाने, यौन उत्पीड़न, मानहानि और आपराधिक साजिश का आरोप लगा है। वहीं इस मामले में कोर्ट ने तीनों को जमानत दे दी है। कोर्ट ने सुनवाई शुरू होने में अधिक वक्‍त लगने के चलते आरोपियों को बेल दी है।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार मुंबई सेशन कोर्ट ने आरोपियों को बेल देते हुए कहा कि मामला शुरू नहीं हुआ है और इसमें वक्‍त लगेगा। काफी वक्‍त हो चुका है, ऐसा नहीं लगता कि इतने लंबे समय तक आरोपियों को कैद में रखने से कोई मकसद पूरा होगा।

21 जून को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एबी शर्मा ने नीरज बिश्नोई, ओंकारेश्वर ठाकुर और नीरज सिंह को बेल देते हुए कहा कि मामले के अजीबोगरीब तथ्यों, आरोपियों की उम्र और परिस्थितियों को देखते हुए कोर्ट 6 महीने की कैद के बाद इन्‍हें बेल देना उचित समझती हैं।

कोर्ट ने कहा कि मामले की जांच पूरी होने और चार्जशीट दाखिल होने में वक्‍त लगेगा। रिकॉर्ड में पेश डॉक्यूमेंट के अनुसार आरोपियों के खिलाफ इसी तरह के आरोप वाले 4 अन्य एफआईआर अन्‍य राज्‍यों में हैं।

केस क्या है बुल्ली बाई ऐप?

दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट आरोपियों को जमानत दे चुकी हैं। मामले में तीन आरोपी पहले ही बेल पर रिहा हो गए हैं। आरोपियों का मामला जिन सबूतों पर प्रॉसिक्यूशन निर्भर है, वे जुटाए जा चुके हैं। ऐसे में जांच एजेंसी को इन्‍हें हिरासत में रखने की जरूरत नहीं है।

बुल्ली बाई ऐप पर कई मुस्लिम महिलाओं को “नीलामी” के लिए सूचीबद्व किया गया था। जिनमें कई नामी महिलाऐं भी शामिल थी। उनकी तस्वीरों को बिना इजाजत इस्तेमाल किया गया और उनसे छेड़छाड़ की गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने कहा हैं कि सबसे पहले नीरज बिश्नोई ने अपने ट्विटर ग्रुप पर बुल्ली बाई ऐप का लिंक शेयर किया था। इस ऐप का उद्देश्‍य मुस्लिम महिलाओं वास्तविक नीलामी या बिक्री नहीं बल्कि उन्‍हें अपमानित करना और डरा’ना था।