अलका लंबा का हाई वोल्टेज, कभी सड़क पर लेटीं तो कभी लगीं रोने, पुलिस की नाक में किया दाम

पिछले कुछ दिन देश के कई हिस्‍सों में अग्निपथ योजना का विरोध देखने को मिल रहा हैं। इसी बीच कांग्रेस नेता अलका लंबा अग्निपथ योजना और राहुल गांधी से ईडी की पूछताछ को लेकर कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुई। इस दौरान प्रदर्शन के बीच अलका लंबा का हाई वोल्टेज हंगामा देखने को मिला।

अलका ने महिला कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सड़क बैठकर धरना दिया और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान जब लांबा को महिला पुलिसकर्मियों ने जबर उठाने का प्रयास किया तो वह उनसे उलझती नजर आई।

लांबा का ड्रामा- कभी रोती तो कभी सड़क पर लेटती

बताया जा रहा हैं कि इस बीच वह कभी सड़क पर लेत जाती तो कभी रोने लगती। उनके इस हाई वोल्टेज हंगामे ने पुलिस को काफी परेशानी में डाल दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस की महिला कार्यकर्ताओं के साथ अलका लांबा बीच सड़क पर बैठकर नारेबाजी कर रही थीं। कांग्रेस अपने पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से ईडी द्वारा की जा रही पूछताछ का विरोध कर रही थी ।

इस दौरान पार्टी ने मोदी सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ भी सत्याग्रह किया। इसी सत्‍याग्रह के तहत कांग्रेस की दिग्‍गज नेता अलका लांबा कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर नारेबाजी कर रही थी।

तभी उन्‍हें महिला पुलिसकर्मियों ने जबरन उठाने की कोशिशि की तो अलका लांबा रोतीं नजर आईं। बताया जा रहा हैं कि अलका ने रोते हुए कहा जय जवान, जय किसान, भारत माता की जय, सत्‍याग्रह, यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है, हम यहां बैठना चाहते हैं और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करना चाहते हैं।

उन्‍होंने आगे कहा कि आज मोदी राज में देश के जो हालात है, उसको लेकर पूरा देश रो रहा है। मैं नहीं रो रही हूं, मेरी चोट आज नहीं तो कल ठीक हो जाएगी।

राहुल से पूछताछ और अग्निपथ का विरोध

उन्‍होंने सवाल करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी आवाज उठाने का हक है या नहीं। नहीं इत्तेफाक रखते आपकी अग्निपथ से। देश भर में करोड़ों युवा सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं लेकिन उनकी सुनने वाला कोई नहीं हैं?

आपको बता दें कि पिछले कुछ दिनों से देश के कई हिस्‍सों में केंद्र सरकार की इस योजना का विरोध देखने को मिल रहा हैं। कई विपक्षी पार्टीयां और युवाओं द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है।

इस दौरान बिहार और उत्‍तरप्रदेश में सबसे ज्‍यादा हंगामा देखने को मिला है। युवाओं ने विरोध प्रदर्शन के बीच सार्वजनिक संपत्ति को भी निशाना बनाया गया। बेकाबू भीड़ ने कई ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया। इस हंगामें में सबसे ज्‍यादा नुकसान रेलवे को उठाना पड़ा हैं।