Aryan Khan Clean Chit: इन 7 बातें से पता चला कि आर्यन की कहीं कोई गलती नहीं

मुंबई (Mumbai) क्रूज केस में अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh khan) के बेटे आर्यन खान (Aryan Khan) को नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने क्लीनचिट दे दी है. NDPS कोर्ट में शुक्रवार को (NCB) ने आर्यन खान के खिलाफ चार्जशीट पेश की. इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक दाखिल की गई चार्जशीट में आर्यन खान सहित 6 लोगों का नाम शामिल नहीं है.

अधिकारियों के मुताबिक मामले की जांच के दौरान आर्यन के खिलाफ ड्र’ग्स केस में कोई सबूत नहीं मिला है. वही एनसीबी के डीजी एस एन प्रधान ने माना है कि इस मामले में समीर वानखेड़े और उनकी टीम से गलती हुई है. दरअसल, समीर वानखेड़े उस वक्त इस मामले में जांच अधिकारी थे. वही समीर वानखेड़े के खिलाफ सरकार ने कार्रवाई का आदेश दे दिया है.

आपको बता दें कि समीर वानखेड़े के फर्जी जाति प्रमाण पत्र मामले में महाराष्ट्र सरकार पहले ही कार्रवाई कर रही है. उनके फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मुद्दे को राकांपा नेता नवाब मलिक ने उजागर किया था, जिन्हें बाद में प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार कर लिया था.

वही जब (NCB) के डीजी से पूछा गया कि जिन 6 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं हुई है, उन पर आगे कोई जांच होगी? तो इस पर डीजी ने कहा, ये जांच का विषय है. अगर कोई सबूत मिलता है, तो केस फिर से री ओपन किया जा सकता है.

आर्यन खान के ऊपर से आरोप हटाए गए

आर्यन खान मामले को लेकर इंडिया टुडे को एनसीबी की जांच टीम से जुड़े के सूत्रों ने बताया- जांच के दौरान ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि क्रूज पार्टी में आर्यन खान किसी साजिश का हिस्सा थे. NCB को ऐसा भी कोई सबूत नहीं मिला जिससे ये पता चले कि आर्यन खान का संबंध किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट से था.

एनसीबी की जांच टीम से जुड़े के सूत्रों ने बताया कि व्हाट्सएप चैट से भी यह नहीं पता चलता कि आर्यन खान किसी अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का हिस्सा हैं. मामले की जांच कर रही एसआईटी की टीम ने पाया कि क्रूज पर जिस छापेमारी के दौरान आर्यन को गिरफ्तार किया गया था. उस छापेमारी के दौरान में कई तरह की अनियमितताएं भी की गई थीं.

आर्यन खान के पास भी कोई ड्र’ग्स नहीं मिला था. एसआईटी ने ये संकेत भी दिया है कि छापेमारी के दौरान अधिकारियों को आर्यन खान का फोन लेने की कोई जरूरत नहीं थी. इस मामले में कई आरोपियों के पास से अलग-अलग ड्र’ग्स मिली थी. लेकिन उसे इकट्ठा दिखाया गया. ये काम NDPS के नियमों के तहत नहीं था.