BREAKING NEWS: किसानों की बड़ी जीत केंद्र सरकार का एक विकेट गिरा, SC द्वारा गठित कमेटी के एक सदस्य ने…

सोमवार और मंगलवार की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने आख़िरकार केंद्र सरकार के तीन कृषि क़ानूनों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है, साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने किसान और सरकार के बीच समाधान निकालने के लिए चार सदस्यीय कमेटी का घटन किया था। इस कमेटी में ऑल इंडिया किसान कॉर्डिनेशन कमेटी के प्रमुख भूपिंदर सिंह मान को भी शामिल किया गया था।

बता दें ऑल इंडिया किसान कॉर्डिनेशन कमेटी के प्रमुख भूपिंदर सिंह मान ने केंद्र सरकार द्वारा लाये गए नए कानूनों का समर्थन किया था. हलाकि उन्होंने कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात कर तीन नए कानूनों में कुछ संशोधनों की मांग रखी थी, जिनमें एमएसपी पर लिखित गारंटी देने को कहा गया था. भूपिंदर सिंह मान का आंदोलनरत किसान विरोध कर रहे थे।

Bhupinder-Singh-Mann

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने चार सदस्यों की एक कमेटी बनाई थी। जिसमें पूर्व राज्यसभा सांसद भूपिंदर सिंह मान को भी शामिल किया गया था. लेकिन अब इस कमेटी के एक सदस्य भूपिंदर सिंह मान ने खुद को अलग कर लिया है।

भूपिंदर सिंह मान ने जो स्टेटमेंट जारी किया है, उसमें लिखा गया है कि ‘किसान संगठनों से बातचीत के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 4 सदस्यों की कमेटी बनाई और इस कमेटी में मुझे शामिल किया गया इसके लिए बेहद शुक्रिया।

उन्होंने प्रेस स्टेटमेंट में आगे कहा, की एक किसान और संगठन का नेता होने के नाते मैं किसानों की भावना को जानता हूं। मैं अपने किसानों और पंजाब के प्रति वफादार हूं।

मैं इन के हितों से कभी कोई समझौता नहीं कर सकता। मैं इसके लिए कितने भी बड़े पद या सम्मान की ब’लि दे सकता हूं। मैं कोर्ट की ओर से दी गई जिम्मेदारी नहीं निभा सकता। मैं खुद को इस कमेटी से अलग हो रहा हूं।

बता दें केंद्र सरकार द्वारा लाये गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे किसानों से बातचीत करने के लिए शीर्ष अदालत की तरफ से बनाई गई चार सदस्यों की समिति में BKU के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान, शेतकारी संगठन (महाराष्ट्र) के अध्यक्ष अनिल घनवत, अंतरराष्ट्रीय खाद्य नीति शोध संस्थान दक्षिण एशिया के निदेशक प्रमोद कुमार जोशी और कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी शामिल हैं।

वही प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनाई गई कमेटी के कई सदस्य कृषि कानूनों के समर्थक हैं।

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