अग्निपथ योजना पर बवाल के बीच गृह मंत्रालय का बड़ा ऐलान, अग्निवीरों के लिए चार साल बाद भी नौकरी में..

Agnipath Row: केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के खिलाफ देश के कई राज्‍यों में जमकर विरोध हो रहा है. प्रदर्शनकारियों ने देश की संपत्ति को भारी नुकासन पहुंचाया है। देश के कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों कई ट्रेनों में आग लगा दी है. वही तमाम रेलवे स्टेशन तोड़फोड़ और लूटपाट की गई वही दर्शन के बीच कुछ अराजक तत्वों ने स्टेशन पर मौजूद दुकानों से चिप्स, बिस्किट, कुरकुरे और खाने-पीने के अन्य सामान लूट लिए।

साथ ही स्टेशन पर लगी पानी की वेंडिंग मशीन भी तोड़ दी गई। वही बिहार के आरा में बड़ी संख्या में सेना भर्ती के अभ्यर्थी रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और रेलवे ट्रैक जाम कर दिया। इनमें से कुछ उग्र छात्रों ने स्टेशन के कैश काउंटर पर लूटपाट और तोड़फोड़ कर दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी अराजक तत्वों के आगे बेबस दिखाई दिए।

आपको बता दें कि बिहार सहित देश के कई राज्यों में लगातार तीसरे दिन सेना भर्ती के अभ्यर्थी अग्निपथ योजना के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि इस स्‍कीम के तहत अग्निवीरों को CAPFs और असम राइफल्‍स में भर्ती के लिए 10 प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा।

नौकरी में प्राथमिकता और सस्‍ता कर्ज भी मिलेगा

रक्षा मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि अग्निवीरों को सैन्‍य सेवा के बाद सरकारी विभागों में नौकरी में प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही अगर वे कोई बिजनेस करना चाहते हैं तो सस्‍ती दर पर उसे लोन भी दिया जाएगा। वही इससे पहले मंत्रालय की ओर से दोनों बलों में भर्ती होने वाले अग्निवीरों की ऊपरी सीमा में तीन साल की बढ़ोतरी की थी।

साथ ही गृह मंत्रालय ने यह भी कहा है कि अग्निवीर के पहले बैच के लिए आयु में अधिकतम आयु सीमा से 5 वर्ष की छूट होगी। गौरतलब है कि केंद्र ने सशस्त्र बलों में लघु अवधि के लिए संविदा आधार पर जवानों की भर्ती के लिए हाल ही में अग्निपथ योजना की घोषणा की थी। इस योजना के विरोध में देशभर के कई राज्यों में व्यापक प्रदर्शन हो रहे है।

रक्षा मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई है कि अग्निवीरों की सैनिक सेवा समाप्त होने के बाद भी कई सरकारी विभागों में चयन के लिए उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा उन्‍हें सस्‍ता कर्ज भी दिया जाएगा, सैनिक सेवा समाप्त होने के बाद यदि वे कोई काम या बिजनेस की शुरू करना चाहते हैं।