चुनाव खत्म हाेते ही महंगाई का वार: आज भी बढ़ी कीमतें, पेट्रोल की कीमत में हो सकता है 17 रुपए का इजाफा, ये है गणित

यूपी समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने के बाद महंगाई ने एक बार फिर अपने रंग दिखाने शुरू कर दिए है। चुनावों के चलते 6 महीने से स्थिर बने पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्‍तरी का दौर शुरू हो चुका है। इनके मूल्‍यों में लगातार दूसरे दिन 80 पैसे का इजाफा किया गया है।

पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्‍तरी

वहीं पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोत्‍तरी को सोशल मीडिया से लेकर संसद तक विरोध किया जा रहा है। इस मामले को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे जनता के लिए बीजेपी का गिफ्ट करार दिया।

आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार दूसरे दिन इजाफा हुआ है। 80 पैसे की बढ़ोतरी के साथ अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.01 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है जो पहले 96.21 रुपए प्रति लीटर थी।

वहीं डीजल की बात करे तो कीमत में इजाफे के बाद अब दाम 87.47 रुपए प्रति लीटर से बढ़कर 88.27 रुपए हो गए है। इससे पहले मंगलवार को घरेलू गैस सिलेंडरों के दाम में 50 रुपये का इजाफा किया गया है।

बाजार पंडि़तों ने आशंका जाताई है कि महंगाई का यह दौर आगे भी जारी रहेगा। बताया जा रहा है कि तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल पर 17 रुपए प्रति लीटर तक कीमतें बढ़ा सकती हैं।

दरअसल अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमत नवंबर में 81.6 डॉलर प्रति बैरल थी जो अब बढ़ कर 115 डॉलर प्रति बैरल पहुंच चुकी है।

उत्तर प्रदेश और पंजाब समेत पांच राज्‍यों में चुनावों के चलते चार नवंबर से इनकी कीमतें स्थिर बनी हुई थीं। रिकॉर्ड 137 दिन तक पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोत्‍तरी नहीं हुई थी।

पेट्रोल के दाम 17 रुपए तक बढ़ सकते है

इसके बाद 22 मार्च को कीमत में 80 पैसे प्रति लीटर बढाए गए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो तेल कंपनियां घाटे में चल रही थी और अब वह घाटे की भरपाई करने की योजना बना रही है।

‘क्रिसिल रिसर्च’ के मुताविक तेल की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हुई वृद्धि से पूरी तरह से पार पाने के लिए तेल कंपनियों को दरों में 15-20 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने की जरूरत पडेगी।

माना जा रहा है कि यह इजाफा धीरे-धीरे चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। आपको बता दें कि देश अपनी तेल की जरूरतों के लिए आयात पर 85 फीसदी निर्भर है।