मथुरा: क्या मक़सद था इन दो मुस्लिम युवकों का, जिन्होंने मंदिर में नमाज़ पढ़ कर बवाल खड़ा कर दिया

उत्तर प्रदेश के मथुरा शहर में दिल्ली निवासी फैजल खान और उसके एक मित्र ने बीते दिनों ब्रज चौरासी कोस की यात्रा के दौरान नन्दगांव के नन्द भवन मंदिर परिसर में नमाज पढ़ी और इसके बाद उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा की. इसके बाद अब इस मामले को लेकर विवाद छिड़ गया है. इस संबंध में चार लोगों के खिलाफ अब तक मामला दर्ज किया जा चूका हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार स्थानीय पुलिस ने मंदिर के सेवारत एक कर्मचारी की शिकायत के बाद आरोपी फैजल खान, उसके मुस्लिम मित्र और दो हिंदू साथियों पर धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचाने, धार्मिक सम्प्रदा’यों के बीच वैमनस्य पैदा करने और भय पैदा करने के आरोपों में मुकदमा दर्ज कर लिया हैं.

इसे लेकर बरसाना के थाना प्रभारी आजाद पाल सिंह ने जानकारी दी कि नन्दभवन के सेवायतों ने बताया है कि गुरुवार की दोपहर को तीन युवक नन्द भवन आए थे. जिनमें से एक ने खुद की पहचान फैजल खान दिल्ली निवासी के तौर पर कराई थी.

फैजल ने सबको बताया कि वो प्रसिद्ध कवि रसखान की तरह भगवान कृष्ण में अगाध श्रद्धा रखता है और इसी के चलते वो ब्रज चौरासी कोस की यात्रा करने आया है. इस दौरान यात्रा में पड़ने वाले सभी धर्मस्थलों के दर्शन कर धर्म लाभ भी उठा रहा है.

मंदिर में पढ़ी नमाज़

टट थाना प्रभारी के कहा कि इसके बाद उन्होंने नन्द भवन में नन्दलाला और नन्द बाबा के दर्शन किए. इसी बीच जब गोस्वामीजन ठाकुरजी को शयन कराकर मंदिर के पट बंद कर अंदर गए तो यह लोग नमाज़ पढ़कर फोटो लेने लगे और बाद में इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया गया.

बताया जा रहा है कि इससे पूर्व फैजल ने धर्म चर्चा के दौरान रामचरित मानस की चौपाईयां भी पढ़कर सुनाईं थी. आजाद पाल सिंह ने कहा कि रविवार को यह मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैलने लगा.

मंदिर का कराया गया शुद्धिकरण

जिसके बाद मंदिर के सेवायत कान्हा गोस्वामी ने मंदिर में नमाज पढ़ने वाले फैजल खान और मोहम्मद चांद और उन्हें मन्दिर में अपने साथ लाने वाले नीलेश व आलोक के खिलाफ नामजद मुकदमा दायर किया गया है. घटना के बाद मंदिर परिसर में हवन करके मंदिर प्रांगण को शुद्ध भी किया गया हैं.

वहीं इस मामले को लेकर मंदिर में नमाज पढ़ने वाले फैजल खान ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि हम मंदिर में गए हुए थे और इसी दौरान नमाज पढ़ने का समय हो गया था, इसी के चलते हमने मंदिर में ही नमाज अदा कर ली थी. इसे किसी तरह की साजिश न समझा जाए.

साभार- एबीपी न्यूज़