भारत में तेजी से बढ़ी हैं नॉनवेज खाने वालों की संख्‍या, 90 फीसद से ज्यादा है मांसाहारी…

देश भर में त्योहारों के रंग बिखर रहे हैं। जहां मुस्लिम समुदाय का रमजान माह चल रहा हैं तो वहीं हिंन्‍दु समुदाय नवरात्रि माना रहा हैं। देश में जहां त्‍योहार के रंग हैं, वहीं दूसरी तरफ विवाद भी उपज रहे हैं। इस बीच देश के कई हिस्‍सों में मीट की दुकानें बंद करवाने का फैसला लिया हैं तो वहीं कई राज्‍यों में मी‍ट की दुकानों पर बैन की मांग की जा रही है।

लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि मौजूदा वक्‍त में देश भर के हिंदुओं में भी मांसाहारी भाेजन के सेवन की प्रवृत्ति में बहुत ज्‍यादा बढ़ोत्‍तरी हुई हैं।

कई राज्‍यों में 90 फीसद तक मांसाहारी

दरअसल राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण ने हाल ही में अपने आंकड़े जारी किए थे। यह आंकड़े बताते हैं कि सर्वेक्षण में शामिल 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में से आधे से ज्यादा जनसंख्‍या में 90 प्रतिशत से अधिक लोग मछली या चिकन या मांस का दैनिक या साप्ताहिक तौर पर आहार करते हैं।

आपको बता दें कि बीते कुछ महीनों से देश में नॉनवेज खाने और बेचने को लेकर कई विवाद और बहस देखने को मिली हैं।

बीते सोमवार को ही दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के मेयर और भाजपा नेता मुकेश सूर्यन ने नगर निकाय के आयुक्त को पत्र लिख नवरात्रि के दौरान मीट की दुकानों को बंद रखने का अनुरोध किया था।

इसी बीच कई संगठनों ने कर्नाटक में हलाल मीट का विरो’ध किया। मुसलमानों द्वारा बेचे जाने वाले इस हलाल मांस पर काफी बहस देखने को मिली हैं।

सर्व बताता हैं कि 16 राज्यों में करीब 90 प्रतिशत लोग अपने खाने में नॉनवेज को जगह देते है। यह लोग मीट, मछली या चिकन को दैनिक या साप्ताहिक तौर पर खाते हैं।

देश में 70 फीसदी लोग खाते है नॉनवेज

वहीं वहीं चार राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में आंकड़ा 75-90 प्रतिशत रहा. सर्वे के मु‍ताबिक पांच राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में 50 से 75 प्रतिशत लोग नॉनवेज खाना पसंद करते हैं।

वहीं देश भर की बात करे तो में खान-पान की आदत के हिसाब से देखा जाए तो यहां लगभग 70 फीसदी लोग मांसाहारी हैं।

यह आंकड़े बताते हैं कि भारत में मांसाहार करने वालों की तादात काफी ज्‍यादा हैं। लेकिन इसके बाद भी नॉनवेज को लेकर किसी समुदाय विशेष को निशाना बनाने का प्रयास किया जाता हैं।