देश भर में ‘लव जिहाद’ के नाम पर नफर’त फैला रही है बीजेपी, ये गठबंधन धर्म का भी उल्लंघन- जेडीयू

राजनीतिक गलियारों में अक्सर वाद विवाद चलता रहता है पार्टियों के नेता एक दूसरे पर आरोप लगाते दिखते रहते हैं इस वक्त देश में चल रहे किसान आंदोलन की वजह से सभी पार्टियां आपस में एक दूसरे पर तीखे प्रहार कर रही हैं ऐसा ही एक मामला हाल ही में सामने आया है जब जेडीयू ने भाजपा पर तीखे प्रहार किए हैं.

दरअसल एनडीए(NDA) के सहयोगी घटक इन दिनों उससे नाराज चल रहे हैं हाल ही में किसानों को समर्थन देते हुए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) ने खुद को एनडीए से अलग कर लिया।

पार्टी के संयोजक और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी के लिए किसान और जवान सबसे पहले आते हैं। गौरतलब है कि सांसद हनुमान बेनीवाल ने केंद्र सरकार से कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की थी लेकिन ऐसा होता ना देख कर RLP ने खुद को NDA से अलग कर लिया। लेकिन अब एनडीए का एक और घटक जेडीयू(JDU) बीजेपी से नाराज होता दिख रहा है।

बता दें कि अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू के 6 विधायकों ने पाला बदलकर बीजेपी का दामन थाम लिया उसके बाद अब जेडीयू बीजेपी से खासी नाराज दिख रही है। जेडीयू ने नाराजगी जताते हुए कहा कि “यह गठबंधन की राजनीति का कोई अच्छा संकेत नहीं है”.

छह विधायकों के बीजेपी में चले जाने के बाद जेडीयू के महासचिव केसी त्यागी ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखे प्रहार किए उन्होंने कहा कि “ वह इस खबर को सुनकर स्तब्ध रह गए लेकिन पार्टी ने अरुणाचल प्रदेश में हुए इस घटनाक्रम पर विरोध जताया है .यह गठबंधन की राजनीति के लिए अच्छा संकेत नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि साझेदारों को वैसे ही गठबंधन राजनीति का पालन करना चाहिए जैसा अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल या पिछले 15 वर्षों से बिहार में किया जा रहा था”।

इसके साथ ही पार्टी महासचिव केसी त्यागी ने बीजेपी शासित राज्यों में लाए जा रहे लव जिहाद कानून पर भी सवाल उठाए उन्होंने कहा कि ऐसे कानून समाज में नफरत और विभाजन पैदा करते हैं।

बता दें कि जेडीयू के विधायकों को अरुणाचल के मंत्रिमंडल में शामिल करने की बात कही गई थी लेकिन अब जेडीयू के विधायकों को ही बीजेपी में शामिल कर लिया गया जिसकी वजह से जेडीयू खासी नाराज दिख रही है।

हालांकि इस घटनाक्रम के बाद जेडीयू ने बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से बात की है लेकिन अब जेडीयू के 6 विधायकों के बीजेपी में चले जाने के बाद अरुणाचल प्रदेश में जेडीयू का सिर्फ एक विधायक ही बचा है जिसके बाद पार्टी के नेता नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और अटल धर्म यात्रा रहे हैं।

वहीं जेडीयू राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि चुनाव के बाद ही मैंने कह दिया था कि मुझे मुख्यमंत्री बनने की कोई लालसा नहीं है।

जनता ने चुनाव में अपना फैसला दे दिया है इसलिए उन्हें किसी के मुख्यमंत्री बनने पर कोई आपत्ति नहीं है चाहे वह बीजेपी का ही क्यों ना हो। अरुणाचल प्रदेश में हुए घटनाक्रम पर नीतीश कुमार ने चेतावनी देते हुए कहा कि उन्होंने ना तो कभी सिद्धांतों से समझौता किया है ना ही
वे कभी करेंगे।