4 करोड़ का दहेज ठुकरा दूल्हा ससुर से बोला, आपकी बेटी ही मेरे लिए सबसे बड़ी दौलत है

दहेज एक प्राचीन प्रथा है जो सालों से चली आ रही है, वैसे तो यह कानूनी तौर पर प्रतिबंधित है लेकिन आज भी दुनिया के कुछ हिस्से ऐसे भी है जहां यह अभी भी चल रही है. जैसे एशिया, उत्तरी अफ्रीका और बाल्कन के कुछ हिस्सों में शादी के प्रस्ताव को मंजूरी देने के लिए शर्त के तौर पर उम्मीद और मांग की जाती है. भारत में उन्हीं हिस्सों में से एक है जहां यह कुप्रथा जारी हैं.

देश में इस कुप्रथा को मिटाने के लिए कई कानून बनाए गए है. कानूनों तौर पर यह प्रतिबंधित है लेकिन जमीनी हकीकत कुछ अलग है. समाज में सरकार के प्रयासों के वांछित परिणाम हासिल नहीं हो सके है.

देश के कई गाँव और शहरों में यह प्रथा धड़के से चल रही है. लेकिन आज हम एक ऐसी शादी की बात करने जा रहे है जिसके बारे में जानकर आप चौंक जाएँगे.

दरअसल शादी में दूल्हे बलेन्द्र ने किसी भी प्रकार का दहेज नही लेने का शर्त रखा, जिसके चलले यह शादी पूरे देश में एक नई मिसाल बन गई हैं.

यह शादी कुछ अलग है

बात कर रहे है हरियाणा में हुई एक शादी की. हरियाणा की इस शादी की चर्चे दूर-दूर तक चल रहे है. इस शादी की जितनी तारीफ की जाए उतनी ही कम है. दरअसल इस शादी में दुल्हे ने दहेज़ के तौर पर एक रूपये भी नहीं लिया और पूरी शादी सम्पन्न हुई.

इतना ही नहीं इस शादी के दौरान किसी भी तरह का फिजूल खर्चा भी नहीं किया गया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस शादी में न कोई गाजे की धूम धाम रही और न ही कोई खास तामझाम किये गए.

बताया जा रहा है कि शादी के लिए केवल दूल्हा अपने परिवार वालों के साथ बारात लेकर आया था और पूरे रीति रिजाव के साथ शादी संपन्न की गई.

इस दौरान जब दुल्हन पक्ष ने दुल्हे को दहेज़ के तौर पर मोटी रकम की पेशकश की तो दुल्हे ने दहेज लेने से इनकार कर दिया. दुल्हे ने दुल्हन के पिता से कहा कि आप मुझे अपनी बेटी दे रहे है, इससे ज्यादा और क्या हो सकता हैं.

4 करोड़ के दहेज़ से इनकार

वहीं शादी संपन्न होने के बाद सोशल मीडिया पर इस नव विवाहित जोड़े द्वारा अपनी शादी की कुछ तस्वीरें साझा की गई. जिसके बाद सभी लोगों ने दोनों को खूब बधाई दी हैं.

आपको बता दें कि दुल्हन के परिवार वालो ने दूल्हे को दहेज़ के तौर पर 4 करोड़ रुपए दिये थे लेकिन दुल्हे ने दहेज़ लेने से इनकार कर दिया. दुल्हे ने सिर्फ नारियल और 1 रुपए लेकर शांति पूर्वक तरीके से विवाह कराया. इस तरह यह दूल्हा समाज के लिए एक उदहारण बनकर सामने आया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *