मोहम्‍मद जुबैर की जमानत याचिका पर बोले मजोज झा, क्‍या ‘सत्यमेव जयते’ कहना होता जा रहा मुश्किल

फैक्ट-चेकिंग वेबसाइट ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर 14 दिन की पुलिस रिमांड पर हैं, उन्‍हें दिल्ली पुलिस ने 2018 के एक ट्वीट को लेकर गि’रफ्तार किया है। इस मामले को लेकर 2 जुलाई को कोर्ट ने जुबैर की जमानत की अर्जी खारिज करते हुए उन्‍हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं इस मामले को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा हैं। इसी बीच मोहम्मद जुबैर के बेल वि’वाद पर RJD सांसद मनोज झा ने सवाल करते हुए कहा कि क्या ‘सत्यमेव जयते’ कहना मुश्किल नहीं होता जा रहा है?

‘सत्यमेव जयते’ कहना हुआ मुश्किल

उन्‍होंने अपने एक ट्वीट में लिखा कि जानकरी के लिए बता दूँ कि आज से पूर्व कभी ऐसा नहीं हुआ कि माननीय जज के आदेश से डेढ़ घंटे पहले ही पुलिस अधिकारियों ने सटीक फैसला सुना दिया था। वो भी एकदम ‘सेम टू सेम’। क्या ‘सत्यमेव जयते’ कहना मुश्किल नहीं होता जा रहा? दरअसल कोर्ट के मोहम्मद जुबैर की जमानत अर्जी खारिज करने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने मीडिया को ये जानकरी दे दी थी।

दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए मोहम्मद जुबैर के वकील सौदिक बनर्जी ने कहा कि कोर्ट का फैसला आने से पहले ही दिल्ली पुलिस ने इसे मीडिया में लीक कर दिया था। इसके बाद कोर्ट ने जुबैर की बेल याचिका खारिज कर उसे 14 दिनों की रिमांड पर भेज दिया। वकील ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोर्ट में सुनवाई चल रही थी और लंच ब्रेक होता हैं।

जज ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, लेकिन जज के लंच से आने से पहले ही ये जानकारी डीसीपी केपीएस मल्होत्रा ने मीडिया में लीक कर दी थी। पीटीआई ने एक ट्वीट में बताया कि वहीं इस मामले को लेकर डीसीपी मल्होत्रा ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने मीडिया में गलत तरीके से जानकरी दी थी कि ऑल्ट न्यूज के मोहम्मद जुबैर को 14 दिनों की judicial custody में भेजा गया हैं।

जुबैर के खिलाफ ED की जांच

इसके साथ ही कोर्ट में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जानकारी दी हैं देते हुए बताया हैं कि पत्रकार मोहम्मद जुबैर के मामले में आपराधिक साजिश, सबूत नष्ट करने की कोशिश और विदेशी चंदा जुटाने संबंधी धाराएं जोड़ी गई हैं।इसके अलावा जुबैर की बैंक डिटेल की जानकारी और उन पर दर्ज FIR की कॉपी दिल्ली पुलिस ने ED को भी सौंप दी हैं।

इसके साथ ही अब इस मामले में जुबैर के खिलाफ ईडी भी जांच पड़ताल में जुट गई है। इस मामले को लेकर दिल्ली पुलिस के वकील अतुल श्रीवास्तव ने कहा कि रेजरपे (Razorpay) पेमेंट गेटवे ने दिल्ली पुलिस को जो जानकारी दी हैं, उससे खुलासा हुआ हैं कि ऑल्ट न्यूज को चलाने के लिए विदेशों से फंड लिया जा रहा हैं। आपको बता दें कि दिल्‍ली पुलिस ने इस मामले में तीन नई धाराएं जोड़ी हैं।

जिसमें विदेशों से चंदा लेने के मामले में 35 FCRA और साथ ही फोन फॉर्मेट और ट्वीट डिलीट कर सबूत मिटाने और साजिश रचने के चलते IPC 201, 120(B) भी लगाई गई हैं। इसके साथ ही पुलिस ने जुबैर का हार्ड डिस्क और मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है।दिल्ली पुलिस ने 29 जून को ED को Pravda foundation ICICI बैंक की जानकारी दी हैं। बताया जा रहा हैं कि इस अकांउट में पिछले तीन महीनों के दौरान करीब 56 लाख रुपए आए हैं, यह पैसा चार हजार लोगों ने भेजा हैं।