खरगोन: घरों पर चला बुलडोजर तो भड़के मौलाना, कहा- कहीं दूसरा कदम उठाने को मजबूर ना हो जाएं मुसलमान

मध्य प्रदेश की शिवराज सिंह सरकार ने खरगोन में रामनवमी के मौके पर हुए बावल के आरोपी दंगा’इयों के घरों पर बुलडोजर चला उन्‍हें ध्‍वस्‍त कर दिया। इस मामले को लेकर चौतरफा हंगामा मचा हुआ हैं। इसी बीच सूबे के मौलानाओं ने भी इस मामले पर आपत्ति जाताते हुए सूबे के डीजीपी को ज्ञापन सौंपा हैं। उन्‍होंने ज्ञापन के माध्यम से सूबे की सरकार को ‘चेतावनी’ भी दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ज्ञापन में कहा गया है कि सूबे की सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी के नेता लगातार दं’गे भड़’काने वाले बयान दे रहे हैं।

भड़’काऊ बयान देने वालों पर हो कार्रवाई

उन्‍होंने कहा कि इससे ऐसा ना हो जाए कि यह आग पूरे राज्‍य में ही फैल जाए और फिर मजलूम लोग दूसरा कदम उठाने को मजबूर हो जाएं।

यह ज्ञापन दारुल कजा व दारुल इफ्ता की तरफ से दिया गया है और इसमें कहा गया हैं कि खरगोन और सेंधवा में हिंदू त्‍योहार रामनवमी के जुलूस के दौरान मस्जिदों पर चढ़कर भगवा झंडा फहराए गए और साथ ही भड़’काऊ नारे लगाए गए।

इसी के चलते सांप्र’दायिक दंगे हुए। इसमें मुस्लिम समाज को दंगाइयों और पुलिस ने निशाना बनाया और बेकसूरों को झूठे आरोपों में जेल भेज दिया गया।

ज्ञापन में पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा गया हैं कि पुलिस ने इस मामले में बिना किसी जांच के कार्रवाई की, जिसकी वजह से खरगोन से 100 परिवारों को पलायन करना पड़ा। यह कानून का खुला उल्लंघन और मुस्लिम समाज पर जुल्म है।

मध्य प्रदेश के डीजीपी को दिए गए ज्ञापन में आगे कहा गया हैं कि सत्ताधारी पार्टी के विधायक और नेता ऐसे बयान दे रहे हैं जो दंगे भड़’का सकते हैं।

मजलूम हो जाएं मजबूर

ज्ञापन में डीजीपी से कहा गया हैं कि आप इस तरफ ध्‍यान दे और ऐसे बयान देने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। कहीं ऐसा ना हो कि देर हो जाए और यह आग पूरे सूबे में फैल जाए। ऐसा हुआ तो इस पर काबू पाना मुश्किल हो जाए और मजलूम लोग दूसरा कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाएं।

आपको बता दें कि रविवार को खरगोन जिले में रामनवमी के जुलूस के दौरान पथराव और कुछ वाहनों, घरों में आगजनी की घटनाएं देखने को मिली।

वहीं इस मामले को लेकर सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इन्हीं दंगा’इयों से सार्वजनिक और निजी संपत्ति दोनो को हुए नुकसान की भरपाई कराई जाएगी। इसके साथ ही कई आरोपियों के घरों पर प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाया गया।