अगर मुस्लिम देशों ने भारतीयों को वापस भेजना शुरू कर दिया तो? दुकानों पर प्रतिबंध को लेकर बोले बीजेपी MLA

कर्नाटक में मंदिरों के पास मुस्लिमों की दुकाने लगाने पर लगे प्रतिबंध के बाद राज्‍य के तमाम विधायक और नेता इस पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। इसी बीच बीजेपी विधायक अनिल बेनके ने इसे लेकर कहा कि मंदिर के कुछ अधिकारियों ने मंदिर के वार्षिक मेलों में मुस्लिम व्यापारियों के स्‍टॉल पर प्रतिबंध लगाने के लिए कहा हैं।

उन्‍होंने कहा कि संविधान हम सभी को समान अवसर देता है, बीजेपी विधायक का कहना है कि लोगों को ये बताना गलत हैं कि वे कहां से सामान खरीद सकते हैं।

प्रतिबंध पर भड़के बीजेपी नेता

मीडिया से बात करते हुए अनिल बेनके ने कहा कि मंदिर मेले के वक्‍त किसी तरह का कोई प्रतिबंध लगाने का कोई सवाल ही नहीं उठता है, हम ऐसे प्रतिबंध नहीं लगाने देंगे।

उन्‍होंने कहा कि हर किसी के पास अपना करोबार करने के समान अवसर होते है, लेकिन लोगों को चतुर बनना होगा। यह लोगों को तय करना होगा कि उन्‍हें क्‍या और किससे खरीदना है।

आपको बता दें कि बीते दिनों कर्नाटक के कई मंदिरों ने फरमान जारी करते हुए अपने वार्षिक मेलों में मुस्लिम व्यापारियों के स्टॉल लगाने पर बैन लगा दिया हैं।

मंगलुरु के कौप शहर में स्थित होसा मारिगुडी मंदिर ने 22-23 मार्च को आयोजित वार्षिक मेले की दुकानों के आवंटन की नीलामी के दौरान मुसलमानों को स्टाल आवंटित नहीं किए।

इसके बाद से ही यह मामला लगातार तूल पकड़ रहा हैं। इसके अलावा कई और धार्मिक जगहों पर भी मेलों में गैर-हिंदुओं को स्टाॅल लगाने से मना करने वाले बैनर लगे हुए देखें गए हैं।

बता दें कि कई सालों से मुसलमान इन मेलों में स्टॉल लगा रहे है। बीजेपी शासित कर्नाटक के कानून मंत्री जेसी मधुस्वामी ने कहा था कि हिंदू धार्मिक संस्थान और धर्मार्थ बंदोबस्ती अधिनियम के मुत‍ाबिक एक हिंदू धार्मिक संस्थान के आस-पास गैर-हिंदूओं को पट्टे देना प्रतिबंधित हैं।

वहीं इस मामले को लेकर बीजेपी के ही MLC एएच विश्वनाथ ने भी इस प्रतिबंध का विरोध किया। उन्‍होंने मंदिर के मेलों में मुस्लिम व्यापारियों के स्‍टॉल लगाने पर प्रतिबंध को पागलपन करार दिया हैं।

इसके साथ ही उन्होंने पूछा कि क्या राज्य सरकार दूसरे देशों में रह रहे भारतीयों को रोजगार प्रदान कर सकती है, अगर मुस्लिम देश उन्हें वापस भेजना शुरू कर देते है तो?