गैर मुस्लिम लड़की के साथ पिज़्ज़ा खाने गए थे भाई मियाँ, उत्तर प्रदेश पुलिस ने खोपचे में ले लिया

क्या हो अगर आप अपनी महिला मित्र या सहपाठी के साथ पिज्जा खाने जाएं या रोड पर वॉक के लिए निकल जाएं और आपको पुलिस उठाकर जेल में डाल दे। लेकिन उत्तर प्रदेश के अंदर युवाओं का जीवन अब कुछ ऐसा ही हो गया है कि वे एक साथ ना तो रोड पर निकल सकते हैं और ना कहीं किसी पार्टी के लिए जा सकते हैं।

दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार हाल ही में लव जिहाद पर एक कानून लेकर आई जिसके बाद प्रदेश में लगातार युवाओं पर धर्मांतरण के आरोप लग रहे हैं और यही नहीं इस कानून की आड़ में बेकसूर लोगों पकड़-पकड़ के जेल में डाला जा रहा है।

लड़की के पिता ने पुलिस पर लगाया आरोप:-

हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है जब एक युवक अपनी सहपाठी के साथ पिज्जा खाने के लिए गया और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उसे जेल में डाल दिया।

द प्रिंट की एक खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य में (18) वर्षीय साकिब उर्फ सोनू दलित लड़की (16) और अपनी पूर्व सहपाठी के साथ पिज़्ज़ा खाने के लिए गया. पिज़्ज़ा खाने के बाद दोनों ने सॉफ्ट ड्रिंक ली और दोनों वॉक पर निकल गए लेकिन सहपाठियों का वॉक पर जाना उनके लिए भारी पड़ गया।

वॉक पर निकले साकिब उर्फ सोनू को पुलिस ने उठाकर जेल में डाल दिया। पुलिस ने सोनू पर लड़की को प्यार के जाल में फंसाने और धर्म परिवर्तन के आरोप लगाए हैं। बता दें कि उत्तर प्रदेश के अंदर नवंबर 2020 से विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश लागू है।

जिसके तहत गैर कानूनी रूप से धर्म परिवर्तन कराने और धर्म बदलने के इरादे से विवाह करने पर 10 साल की सजा का प्रावधान है। इसी कानून के तहत पुलिस ने साकिब उर्फ सोनू पर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने सोनू के खिलाफ अपहरण, एससी एसटी एक्ट और पॉक्सो एक्ट के तहत मामले दर्ज किए हैं।

जानकारी के अनुसार यूपी पुलिस ने सोनू के खिलाफ यह मामला पश्चिमी यूपी जिला स्थित बरखेड़ा गांव के रहने वाले लड़की के पिता की शिकायत पर दर्ज किया । जिसमें कथित तौर पर नाबालिग लड़की को विवाह के इरादे से खुद के साथ रहने के लिए फुसलाया जा रहा है और धर्म परिवर्तन की कोशिश भी की जा रही है लेकिन इधर लड़की के पिता ही पुलिस पर आरोप लगाते दिखे जिसके बाद अब उत्तरप्रदेश पुलिस पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

लड़की के पिता बोले कि पुलिस इस मामले को बेवजह तूल दे रही है और अपनी मनमानी कर रही है वहीं लड़की ने भी कहा कि सोनू ने कभी उससे विवाह या धर्म परिवर्तन के संबंध में कोई बात नहीं की।

ऐसे में जब उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस पर सवाल उठने लगे तो यूपी पुलिस अपने बचाव में कहने लगी कि सोनू 18 साल का है जबकि उसका परिवार उसे नाबालिग बता रहा है वहीं परिवार में इस बात पर भी विवाद है कि लड़की को सोनू के धर्म के बारे में जानकारी थी या नहीं।

लेकिन लड़की के पिता और लड़की के बयान के बाद उतरप्रदेश सरकार की मनमानी साफ नजर आ रही है।