नूपुर शर्मा के खिलाफ कुवैत में प्रदर्शन करना अनिवासी कर्मचारियों को पड़ा भारी, अब डिपोर्ट करने की तैयारी

नई दिल्लीः भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा दिए गए पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान को लेकर बीते दिनों से भारत ही नहीं बल्कि कई इस्लामिक देशों में भी बवाल मचा हुआ है। बता दें इन मुस्लिम देशों में भारत के साथ अच्छे संबंध रखने वाले कुछ अरब देश भी शामिल है जिन्होंने भारत के खिलाफ नाराजगी जाहिर की है.

हलाकि इन इस्लामिक देशों की आपत्ति पर भारत की तरफ से कहा गया है कि इस तरह की टिप्पणियों से भारत सरकार का कोई लेना देना नहीं है. वही इस तरह की टिप्पणी करने वालों पर कार्रवाई की जा चुकी है. वही पार्टी ने विवादित बयान देने वाली प्रवक्ता नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है.

बता दें सरकार ने यह कदम उस वक्त उठाया था जब मध्यपूर्व के लगभग डेढ़ दर्जन से ज्यादा देशों ने नुपूर शर्मा के बयान पर ऐतराज जताया था. इन देशों में ईरान, इराक, कुवैत, कतर, सऊदी अरब, ओमान, ईरान, यूएई, जॉर्डन, अफगानिस्तान, बहरीन, मालदीव, लीबिया और इंडोनेशिया सहित कम से कम 15 देशों ने भारत के खिलाफ आधिकारिक विरोध दर्ज कराया है.

वही अब नूपुर शर्मा के खिलाफ 10 जून को कुवैत के फहाहील इलाके में प्रदर्शन करने वाले भारतीयों समेत सभी अप्रवासी एशियाइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया गया है. इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है और अब इनको वापस अपने देश भेजा जाएगा. बता दें ये लोग वहां जमा होकर प्रदर्शन कर रहे थे तभी भारी संख्या में पुलिस बल वहां पहुंच गया. इन सभी को ट्रकों में भरकर ले जाया गया.

गौरतलब है की वहां के कानून के उल्लंघन के आरोप में इन सभी प्रवासियों को गिरफ्तार कर उनके वीजा रद्द कर दिए गए और निर्वासन केंद्र भेजा गया है. अब इन सभी प्रवासियों को वापस भेजा जाएगा. फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इन लोगों को प्रदर्शन के लिए किसने उकसाया था.

प्रदर्शन करने वालों में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के लोग बताए जा रहे हैं. इनमें से अधिकांश लोग लेबर क्लास या फिर तीसरे दर्जे के कर्मचारी हैं. आपको बता दें कुवैत में किसी को धरना-प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं होती हैं. वहां के कानून के मुताबिक यह अ’पराध माना जाता है.

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया है कि ऐसे प्रदर्शनकारियों का वीजा भी रद्द किया जा रहा है. और इन सभी अप्रवासियों को पहले डीपोर्टेशन सेंटर भेजा जाएगा उसके बाद वापस उनके देश. दोबारा कुवैत में उनकी एंट्री पर भी बैन लगाने की बात हो रही है.