56 इंच का सीना 57 किसानों की मौ’त, पुण्य प्रसून बाजपेई ने साधा PM मोदी पर निशाना

नई दिल्लीः केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन को एक महीने से ज्यादा समय हो चला है देशभर के किसान नवंबर महीने से केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि अध्यादेशों के खिलाफ विरोध प्रकट कर रहे हैं। पंजाब और हरियाणा के साथ देश के कई राज्यों के किसान सिंघु बॉर्डर पर डटे हुए हैं वहीं देश के कई किसान संगठन भी इस आंदोलन को लगातार समर्थन देते हुए दिख रहे हैं।

बता दें कि देश में चल रहे किसान आंदोलन को लगातार राजनीति से लेकर फिल्म और खेल जगत की बड़ी हस्तियां समर्थन दे रही है। जहां सभी विपक्षी पार्टियों को किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे है वही फिल्म और खेल जगत से जुड़ी दिग्गज हस्तियां लगातार आंदोलन के समर्थन में ट्वीट कर रहे है। लगातार केंद्र सरकार पर सवाल उठा रहे है कि सरकार आखिर किसानों के मुद्दे को गंभीरता से क्यों नहीं दे रही है।

56 इंच का सीना 57 किसानों की मौ’त

वही अब किसान आंदोलन को लेकर अब देश के जाने माने पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेई ने केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने किसान आंदोलन के बीच हुई 57 किसानों की मौ’त पर मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है।

आपको बता दें कि पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेई ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कई ट्वीट किया अपने एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि “56 इंच का सीना 57 किसानों की मौ’त”। दिल दिमाग पर हावी है मन की बात

इसके अलावा भी पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेई ने किसान आंदोलन को लेकर कई ट्वीट किए एक ट्वीट में उन्होंने लिखा कि “सुबह-सुबह दिल्ली में बारिश आप मोर की थिरकन में मशगूल तो नहीं, खलल नहीं डालेंगे पर किसान को याद तो कर लें।

वहीं पोस्ट में उन्होंने लिखा कि जब फसल के लिए अच्छी नहीं है बारिश तो किसान के लिए कैसे होगी किसान ही फसल बन सड़क पर बैठा है जिसका ना कोई मोल ना कोई भी बीमा, पर रेशमी चादर में लिपटी सत्ता को कौन जगाए।

बता दें पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेई ने यह ट्वीट प्रियंका वाड्रा के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए किया प्रियंका गांधी ने ट्वीट करते हुए लिखा था कि “सर्द मौसम में दिल्ली बॉर्डर पर हो रही किसानों की मौ’त विचलित करने वाली हैं। मीडिया में खबरें आ रही हैं कि 57 किसानों की मौ’त हो चुकी हैं, महीने भर से अपनी जायज मांगों के लिए बैठे किसानों की बातें ना सुनकर सरकार घोर असंवेदनशीलता का परिचय दे रही है।

आपको बता दें कि पत्रकार पुण्य प्रसून बाजपेई के ट्वीट के बाद लोगों ने भी सरकार पर सवाल उठाना शुरू कर दिया एक यूजर ने लिखा कि सैकड़ों लोग नोटबंदी में म’र गए और वह ताली बजाते रहे, पुलवामा में शहीद हो गए और वे शूटिंग करवाते रहे।

वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि कितने ही लोग सड़क पर मजबूरी में म’र गए और वे नमस्ते ट्रंप करवाते रहे। आप किनसे सवाल पूछ रहे हैं। यह ला’शों के सौदागर है एड़िया रगड़ रगड़ कर मरेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *