राजू श्रीवास्तव मूवी ‘तांडव’ को लेकर सैफ़ पर गरियाये, पत्रकार समेत लोगों ने जमकर क्लास लगा दी

सस्ती शोहरत बटोरने वाले, राजू श्रीवास्तव कॉमेडियन अपने जमाने में एक बेहतरीन कलाकार हुआ करते थे, तब शायद उस वक़्त किसी भी धर्म के लोगों का मनोरंजन के तौर पर धार्मिक मजाक से लोगों की भावनाएं आहत नहीं हुआ करती थीं. वो दौर और था आज इंसान को अलग कर दिया गया है, उसे  अपनी पहचान बता दी गयी है कि तू हिन्दू है और तू मुस्लिम. अगर तूने ऐसा किया तो ठीक नहीं होगा अगर तूने वैसा नहीं किया तो तुझे भी देख लेंगे.

ढलते कैरियर के चलते राजू श्रीवास्तव कॉमेडियन अब किसी सहारे से राजनीति में अपना भविष्य तलाशते नजर आ रहे हैं. और आजकल के माहौल मैं खुद को ढालते हुए वह भी इस रंग में रंगे नजर आ रहे हैं. शायद इस भरोसे की कहीं से कोई टिकट वगैरा का जुगाड़ हो जाए या चुनाव में प्रचार कैंपेन करने के लिए ही कहीं मामला फिट बैठ जाए.

वेब सीरीज़ ‘तांडव’ पर राजू श्रीवास्तव की भावनाएं आहत हुईं पर ओह मई गॉड पर क्यों नही, ये कैसा दोगलापन?

हाल ही में एक वेब सीरीज़ रिलीज हुई है, जिसका नाम है तांडव और उसको लेकर भाजपा नेताओं समेत सोशल मीडिया पर आमजन के द्वारा हिंदू धर्म की भावना का मजाक उड़ाने की बात कही जा रही है.

इस वेब सीरीज़ में एक्टर सैफ अली खान, डिंपल कपाड़िया, जीशान अय्युब और सुनील ग्रोवर हैं, हालाँकि इनके और वेब सीरीज़ बनाने वाले लोगों के खिलाफ़ केस भी दर्ज हो चुका है. इधर राजू श्रीवास्तव ने सैफ अली खान को लेकर जमकर निशाना साधा है, वे बोले कि यह हर फिल्म में ऐसा ही करता है, अब माफी मांगने से काम नहीं चलेगा.

इन्हें ऐसी स’जा मिलनी चाहिए कि यह लोग याद रखें, और आगे से ये लोग कभी भी इस तरह का काम ना करें. इतना ही नहीं उन्होंने कहा है कि किसी दूसरे धर्म पर फिल्म बनाकर दिखाओ तुम्हारी गर्द’न क’लम कर दी जाएगी. इधर राजू श्रीवास्तव किस धर्म के बारे में इशारा कर रहे हैं, बताने की  नहीं है.

परेश रावल और अक्षय कुमार की ओह माई गॉड पर राजू का दोगलापन

राजू श्रीवास्तव ने वेब सीरीज़ तांडव को लेकर, बॉलीवुड के फिल्म निर्माताओं और वेब सीरीज बनाने वालों से कह रहे हैं कि तुम्हें शर्म आनी चाहिए मैं शुरू से ही कह रहा हूं कि यह किसी बड़ी साजि’श के खिलाफ हमारे हिंदू देवी देवताओं का मजाक बनाया जा रहा है.

लेकिन राजू श्रीवास्तव, ने ओह माई गॉड और उससे मिलती जुलती कई और फ़िल्में लगता है ठीक से देखी नहीं, वरना ये कोरी फ़र्ज़ी धार्मिक ठेस टाक पर रखी हो जाती. इधर शायद सैफ़ अली खान या जीशान जैसे नाम होने से त’कलीफ़ समझ में आती है.

हालाँकि ओ माय गॉड जैसी फिल्मों में अक्षय कुमार और परेश रावल ने जो काम किया, वो काबिलेतारीफ था. इसके अलावा आमिर खान कि फिल्म पीके में भी लगभग सभी धर्मों के वीक पॉइंट को अच्छे से कवर किया गया था कि आपको कोई भी मुल्ला, पुजारी या पादरी अपने फायदे के लिए दूसरों को कैसे मूर्ख बनाते हैं.