पंजाब के लगभग हर ज़िले से उखाड़ दिए गए हैं जिओ के टावर, कंपनी के लोग कोर्ट में गिड़गिड़ा कर बोले अब रहम करो

नई दिल्लीः केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले एक महीने से ज्यादा समय से विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों के आंदोलन में कई मोड़ देखने को मिले जिसमें एक ओर जहां किसान सरकार से कृषि कानूनों के रद्द करवाने के साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी की मांग कर रहे है। वहीं किसान अपने विरोध प्रदर्शन में देश के बड़े उद्योगपतियों अंबानी, अडानी पर भी निशाना बना रहे है।

आपको बता दें कि देशभर के किसानों ने देश के उद्योगपतियों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे है। जिसमें उन्होंने हरियाणा के सोनीपत में रिलायंस के मॉल को बंद करने से लेकर जिओ के टावरों को उखाड़ दिया था. लेकिन अब रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने इसके खिलाफ आपत्ति जताई है और कोर्ट में याचिका दायर कर इस तोडा फोड़ी को रोकने की अपील की है।

कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग से उसका कोई लेना-देना नहीं: रिलायंस

बता दें कि किसान आंदोलन के बीच देश के बड़े उद्योगपति अंबानी, अडानी को निशाना बनाने का एक बड़ा कारण कॉन्ट्रैक्ट या कॉर्पोरेट फार्मिंग है जिसे सीधे शब्दों में कहें तो अनुबंध खेती जिसके अंदर किसान और व्यापारी के बीच एक कॉन्ट्रैक्ट साइन होता है इस कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से व्यापारी किसान की जमीन पर खेती करता है।

ऐसे में किसानों को लगता है कि कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए वे व्यापारियों के हाथ की कठपुतली बनकर रह जाएंगे जिसमें उन्हें व्यापारियों द्वारा तय किया गया दाम लेना पड़ेगा. इसी डर की वजह से किसान लगातार देश के बड़े उद्योग घरानों पर हमला बोल रहे हैं।

अब रिलायंस पहुंची कोर्ट

रिलायंस जिओ के टावरों को नुकसान पहुंचाने के बाद अब रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड कोर्ट जा पहुंची है. बता दें कि कंपनी ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है जिसमें कंपनी ने मांग की है कि रिलायंस जिओ इफोकॉम के टावरों की तोड़फोड़ को जल्द से जल्द रोका जाए।

क्योंकि कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग या कॉर्पोरेट फार्मिंग से कोई लेना देना नहीं है. कंपनी ने यह भी कहा कि उसका कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग ही नहीं बल्कि कृषि कानूनों से ही कोई लेना देना नहीं है तथा इन कानूनों से उसे कोई फायदा नहीं पहुंच रहा है।

रिलायंस ने कोर्ट में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रिलायंस रिटेल लिमिटेड, रिलायंस जिओ इफोकॉम लिमिटेड और रिलायंस से जुड़ी कोई भी कंपनी कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग नहीं करती है और ना ही अभी रिलायंस और रिलायंस से जुड़ी किसी भी कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में उतरने का इरादा है।

रिलायंस ने आगे कहा कि वह एक रिटेल कंपनी है जो कि अलग-अलग कंपनियों के उत्पादों को बेचती है। रिलायंस कभी भी किसानों से सीधे खाद्यान्न नहीं खरीदती ऐसे में किसानों के बीच फैली गलतफहमीओं को जल्द से जल्द दूर किया जाए।

वहीं रिलायंस ने यह भी कहा कि किसान आंदोलन को मोहरा बनाकर रिलायंस के खिलाफ तोड़फोड़ के लिए उप’द्रवि’यों को उकसाया जा रहा है। कृषि कानूनों में रिलायंस का नाम जोड़कर उनका मूल उद्देश्य रिलायंस के व्यवसाय को नुकसान पहुंचाना है. ऐसे में कंपनी ने कोर्ट से उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने की भी मांग की है।

आपको बता दें कि देशभर में रिलायंस के 40 करोड़ ग्राहक हैं जिनमें से एक करोड़ 40 लाख पंजाब में और 94 लाख हरियाणा में हैं।

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