Maharashtra Crisis: उद्धव सरकार गिरने के बाद यूजर्स के निशाने पर संजय राउत, ट्रेंड हुआ हैशटैग

महाराष्ट्र में कई दिनों से चल रही सियासी हलचल थमती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बुधवार को फेसबुक लाइव के दौरान इस्तीफा देने की घोषण कर दी है। इसके साथ ही उन्‍होंने राज्‍यपाल से मुलाकात करके अपना इस्तीफ़ा भी सौंप दिया है। इसके साथ ही भाजपा की सत्‍ता हासिल करने की राह भी साफ हो गई हैं।

वहीं उद्धव ठाकरे ने इस्तीफे के ऐलान के साथ ही सोशल मीडिया पर शिवसेना के कद्दावर नेता संजय राउत ट्रोल किए जाने लगे। इसके साथ ही लोग महाराष्ट्र की राजनीतिक स्थिति पर अपनी प्रतिक्रिया देते नजर आ रहे हैं।

उखाड़ लिया?

वहीं ठाकरे के इस्तीफा के बाद भाजपा नेता देवेन्द्र फडणवीस लड्डू खाते दिखाई दिए। इस पर कांग्रेस नेता श्रीनिवास ने लिखा कि “हर एक ‘लड्डू’ की कीमत 50 से 100 करोड़ हैं और हां इसमें ED, IT का ‘मेहनताना’ शामिल नहीं।”

वहीं संजय राउत पर तंज कसते हुए नितेश राणे ने लिखा कि “उखाड़ दिया” कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद ने अपने ट्वीट में लिखा कि “आजादी मुबारक हो उद्धव ठाकरे जी”

बीजेपी नेता रजनीश अग्रवाल लिखते हैं कि जिस दल के रणनीतिकर संजय राउत जैसे हो, उनका हश्र ऐसा ही होता है जैसा आज शिवसेना का हुआ हैं।

पत्रकार अशोक श्रीवास्तव ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि एक पत्रकार को घसीट कर हिरासत में लेने वाले, एक एक्‍ट्रेस का घर बुलडोजर से उखाड़ने वाले, पूर्व सैनिक को उसी के घर में पीटने वाले, साद अंसारी, समित ठक्कर, केतकी चितले और निखिल भामरे जैसे दर्जनों निर्दोषों का दामन करने वालों की सरकार का अंत हो गया।

अजय आलोक ने कहा कि सूबे में राजनीतिक अस्थिरता खत्‍म हुई, अब उद्धव जी को आगे का मार्ग तय करना हैं कि उन्‍हें कांग्रेस और शरद पवार जी के साथ रहना हैं या बीजेपी के साथ या वह अपनी अलग राह चुनते हैं। शिवसेना को बाला साहेब ने किन मूल्यों पर बनाया था? याद रखिएगा।

राउत को करों बाहर

वहीं साध्वी प्राची लिखती हैं कि आज पालघर के संतों की आत्मा को शांति जरूर मिली होगी, जल्‍द ही न्याय भी मिलेगा।

वहीं बी राय नाम के यूजर ने कहा कि आपकी सरकार गिराने वाला और कोई नहीं बल्कि संजय राउत ही हैं। उन्हीं के बदतमीजी के चलते दल में असंतोष फैला।

यूजर ने आगे लिखा कि संजय राउत को पार्टी से बाहर कीजिए, तभी आपके दल का पुर्नगठन ठीक से हो सकता हैं, ये जब तक आपके दल में हैं, दल नहीं पनप सकता हैं।