द कश्मीर फाइल्स को महाराष्‍ट्र में टैक्स फ्री करने के मुद्दे पर संजय राउत का बड़ा बयान

सोशल मीडिया से लेकर चाय की दुकानों तक “द कश्मीर फाइल्स” इन दिनों खासा चर्चा में है. फिल्‍म को लेकर दावा किया जा रहा है कि इसमें कश्मीरी पंडितों की पलायन और उसके पीछे की वजह की कहानी दिखाई गई हैं. फिल्‍म को यहां तरीफें मिल रही है, वहीं इसकी अलोचना भी की जा रही हैं.

फिल्‍म को लेकर कई लोगों का आरोप है कि इसमें कश्मीर के दूसरे पहलू को, कश्मीरी पंडितों के दूसरे पहलू को इस फिल्‍म में जानबूझकर नहीं दिखाया गया है.

विवादों में बनी है द कश्मीर फाइल्स

कहा जा रहा है कि इस फिल्म के द्वारा नफरत परोसने का प्रयास किया जा रहा हैं. इस फिल्म के जरिए एक धर्म विशेष के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाए जाने की बात भी कही जा रही हैं.

आप देख सकते है कि बीजेपी के तमाम बड़े नेता इस फिल्म को प्रमोशन करते नजर आ रहे हैं. इतना ही नहीं खुद प्रधानमंत्री मोदी भी अपने भाषणों में फिल्म का जिक्र कर चुके हैं.

इस फिल्म पर दो विचारधाराएं आपस में टकराती नजर आ रही हैं. एक तरफ कुछ लोग फिल्म का समर्थन कर रही है तो दूसरी इस फिल्म का वि’रोध करने वालों की तदात भी बहुत हैं.

सोशल मीडिया पर भी इस फिल्म को लेकर बहस छिड़ी हुई है और इस फिल्‍म ने सोशल मीडिया को भी दो धड़ों में बांट दिया हैं.

आपको बता दें कि बीजेपी शासित राज्यों में द कश्मीर फाइल्स को टैक्स फ्री कर दिया गया है. इसके साथ ही अन्‍य राज्‍यों में भी इस फिल्‍म को टैक्‍स फ्री करने की मांग की जा रही हैं.

इसी बीच शिवसेना के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने इस फिल्म को टैक्स फ्री करने के मुद्दे पर एक बड़ा बयान दिया हैं.

आठ राज्‍यों में टैक्स फ्री

उन्‍होंने कहा कि फिल्म द कश्मीर फाइल्स की बात तो छोडि़ए जब हमने बाला साहब ठाकरे पर फिल्म बनाई थी तब भी उसे टैक्स मुक्‍त नहीं किया गया था, फिर भी लोग फिल्‍म देखने के लिए आए थे.

शिवसेना नेता ने आगे कहा है कि कश्मीरी पंडितों के बच्चों के लिए बाला साहब ठाकरे ने महाराष्ट्र में मेडिकल और इंजीनियरिंग में एक कोटा भी रखा था.

विवेक अग्निहोत्री की फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ को अब तक 8 सूबों में टैक्स फ्री किया जा चुका है. उत्‍तरप्रदेश, मध्यप्रेदश, कर्नाटक, हरियाणा, बिहार, गुजरात, त्रिपुरा और गोवा सरकार ने इस फिल्‍म को टैक्स फ्री किया है.