यूपी MLC चुनाव की मतगणना हुई पूरी, देखें सपा उम्मीदवार डॉ. कफील खान का चुनाव परिणाम

उत्तर प्रदेश में हाल ही मेंं हुए विधानसभा चुनावों के बाद अब विधान परिषद के चुनाव में भी भाजपा को शानदार जीत मिली। तो वहीं इस चुनाव में भी समाजवादी पार्टी के लिए नतीजें अच्‍छे नहीं रहे। यूपी MLC चुनाव 2022 के नतीजे सामने आ चुके हैं। हालांकि अभी भी कई सीटों पर वोटों की गिनती जारी हैं। वहीं कई सीटों पर नतीजे साफ हो चुके हैं।

वहीं अब तक के नतीजों में बीजेपी फायदे में दिख रही है. लेकिन उसे कुछ सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने करारा झटका दिया है।

सपा उम्मीदवार डॉ. कफील खान की हार

बता दें कि कुल 27 एमएलसी सीटों के लिए हुए चुनाव में 95 उम्मीदवारों ने अपनी किस्‍मत अजमाई हैं। आपको बता दें कि यूपी विधान परिषद में कुल 36 सीटों खाली हुई हैं।

जिसमें से 9 सदस्य पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। वहीं उत्तर प्रदेश विधान परिषद का चुनाव सपा के लिए बिल्‍कुल अच्‍छा नहीं रहा, वह अपना खाता तक नहीं खोल पाई हैं।

36 में से 33 सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की है। बीजेपी की इनमें से तीन सीटों पर हार का सामना करना पड़ा हैं। इन तीन सीटों पर बाहुबली नेताओं ने जीत हासिल की हैं।

वहीं इस चुनाव के सबसे चर्चित उम्‍मीदवारों में से एक डॉ. कफील खान को भी हार का मुंह देखना पड़ा। बता दें कि डॉ. कफील खान को समाजवादी पार्टी ने अपना प्रत्‍याशी बनाया था।

उन्‍हें एमएलसी चुनाव में बीजेपी के प्रत्‍याशी रतनपाल सिंह ने 3224 मतों के अंतर से हराया। चुनाव में रतनपाल को 4255 वोट मिले जबकि डॉ. कफील सिर्फ 1031 वोट हासिल कर सकें।

देवरिया-कुशीनगर सीट से मैदान में उतरे कफील लगातार चर्चा में बने हुए हैं। वहीं मंगलवार को कड़ी सुरक्षा के बीच स्थानीय प्राधिकारी क्षेत्र के लिए कलेक्ट्रेट में मतगणना कराई गई।

काफील ने भाजपा को दी जीत की बाधाई

मतगणना के दौरान करीब 10:30 बजे तक ही बीजेपी की जीत तय हो गई थी। बीजेपी के डॉ. रतनपाल सिंह अंत तक 3224 मतों से बढ़त हासिल कर जीत दर्ज की।

वहीं इस सीट से भारतीय कृषक दल के विनय प्रकाश श्रीवास्तव को 2 वोट, जनता-समता पार्टी के मुक्ति नाथ सिंह को 11 और निर्दलीय शैलेश कुशवाहा को 18 जबकि आफताब आलम को 5 वोट हासिल हुए।

वहीं  मतगणना में 102 मत अवैध घोषित किए गए। वहीं भाजपा की जीत से उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है। कफील खान ने भ्‍ज्ञी रतनपाल को जीत की बाधई दी हैं।

वहीं इससे पहले उन्‍होनें मतगणना में गड़गड़ी की बात भी कही, उन्‍होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन भाजपा के पक्ष में खड़ा था। उन्हें अपनी जीत का पूरा भरोसा था। बीजेती कह रही थी कि मुझे 800 से अधिक वोट नहीं मिल पाएंगे लेकिन मुझे 1000 वोट मिले। मुझे जनता का निर्णय स्वीकार हैंं।