इंदिरा गांधी को कभी ‘लड़की’ तो कभी ‘स्‍वीटी’ कहने वाले सैम मानेकशॉ और इंदिरा गांधी से जुड़े रोचक किस्से

भारतीय सेना देश का गर्व है, भारतीय सेना के जवान और अधिकारियों को देश भर में सम्‍मान दिया जाता हैं। हम जब भी सेना के सबसे सफल आर्मी कमांडर की बात करते हैं तो हमारे जेहान में देश के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ का नाम भी आता है।

भारतीय सेना ने उनके नेतृत्व में ही साल 1971 में पाकिस्तान के दो टुकड़े करके नया देश बांग्लादेश बनाया था। मानेकशॉ को लेकर ये भी कहा जाता है कि उनकी तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी से खूब बनती थी।

इंदिरा का तख्तापलट

मानेकशॉ और इंदिरा के बीच किस हद तक बनती थी इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि वह इंदिरा गांधी के लिए कभी-कभी लड़की और स्वीटी जैसे शब्दों का का इस्तेमाल भी कर देते थे। सैम मानेकशॉ ने 27 जून 2008 को दुनिया को अलविदा कहा था।

एक बार इंदिरा गांधी तक खबर पहुंची कि मानेकशॉ सेना की मदद से तख्तापलट करने जा रहे हैं। इस बात से इंदिरा परेशान हो गई। तब इंदिरा गांधी को मानेकशॉ ने यकीन दिलाया कि उनकी राजनीति में कोई रूचि नहीं है, मेरा काम सेना को संभालना है और आप का देश।

लड़की बुला रही है

एक शाम मानेकशॉ को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का फोन आया। पीएम ने पूछा कि ‘बिजी हो?’ इस पर मानेकशॉ ने कहा कि ‘एक आर्मी चीफ हमेशा बिजी ही रहता हैं लेकिन इतना भी बिजी नहीं होता कि पीएम से बात ना कर सके।

इसके बाद इंदिरा गांधी ने उन्‍हें मिलने के लिए बुलाया। इस पर मानेकशॉ ने अपने एडीसी से कहा कि ‘गाड़ी निकालो, लड़की (इंदिरा गांधी) बुला रही है।

तैयार हूं स्वीटी

साल 1971 में इंदिरा गांधी ने पूर्वी पाकिस्तान पर हम’ले की योजना बनाई। उन्‍होंने इस मामले को लेकर मानेकशॉ से हमले के लिए कहा, इस पर उन्‍होंने कहा कि हमें तैयारी का वक़्त चाहिए। अगर हम अभी हमले को अंजाम देते हैं तो निश्चित ही हमें हार का सामना करना पड़ सकता हैं।

आख़िरकार बाद में जब इंदिरा गांधी ने मानेकशॉ से उनकी हमले के लिए तैयारियों के बारे में पूछा तो उन्‍होंने कहा कि मैं हमेशा तैयार रहता हूं, स्वीटी। बता दें कि सैम मानेकशॉ 27 जून 2008 को दुनिया से अलविदा कह गए।