UAE में सोशल मीडिया पर ऐसे मीम शेयर करना पड़ सकता है भारी, होगी 2 साल की सजा, लाखों रूपए में भरना होगा जुर्माना

इन दिनों सोशल मीडिया पर मीम का क्रेज तेजी से बढ़ा है, सोशल मीडिया यूजर्स के पास हर मुद्दे पर तंज कसने या मजाक उड़ाने के लिए मीम मौजूद हैं। मीम का ज्‍यादातर इस्‍तेमाल तंज कसने और मजाक उड़ानेे में किया जाता है, ऐसे में कई बार मीम्‍स की जरीए गलत खबरें भी प्रसारित कर दी जाती हैं। इसी सब को देखते हुए संयुक्त अरब अमीरात ने मीम को लेकर नए नियम लागू किए है।

UAE सरकार ने कुछ मामलों पर मीम बनाने पर जेल तक की सजा का प्रवाधान किया है। दरअसल हाल ही में यूएई में सोशल मीडिया पर कुछ मीम और वीडियो सामने आए जिसमें कोविड नियमों का मजाक उड़ाया गया था, यह खूब वायरल हुए।

सोशल मीडिया पर मीम को लेकर कड़े नियम

जिसे देखते हुए सरकार ने ऐसे लोगों को नए कानून के तहत जेल भेजने का फैसला लिया हैं। सरकार ने साफ किया है कि सोशल मीडिया के जरिए जो लोग कोविड नियमों का मजाक उड़ाएंगे या इस से जुड़ी गलत खबरें शेयर करते है तो उन्हें कम से कम दो साल की सजा हो सकती है।

मिडिल ईस्ट आई की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि संघीय अभियोजकों का कहना है कि सोशल मीडिया का इस्‍तेमाल कर कोविड से जुड़ी गलत जानकारी शेयर करने वालों को नए कानून के तहत दंडित किया जा सकता है।

उन्‍होंने बताया कि ऐसे लोगों को कम से कम दो साल की सजा और 54,450 डॉलर यानी 41 लाख 35 हजार के जुर्माना का प्रवधान हैं। वहीं फेडरल इमरजेंसी क्राइसिस एंड डिजास्टर्स प्रॉसिक्यूशन ने भी इसेे लेकर चेतावनी जारी की हैं।

उन्‍होंने अपने बयान में कहा कि सोशल मीडिया पर कोविड नियमों का मजाक उड़ाया जा रहा है और उन पर गाने बनाए जा रहे हैं। हम सभी लोगों से आग्रह करते है, इस सब से दूर रहे वर्ना आपको कानून के तहत सजा दी जा सकती है।

यूएई में सख्‍त हुए कोविड नियम

बता दें कि मंगलवार को यूएई में कोविड-19 के 2,511 नए मामले सामने आए है। बीते साल यूएई में ओमिक्रॉन ने भारी तबाही मचाई जिसे देखते हुए सरकार ने सभी जरूरी कदम उठाए थे।

वहीं अब सरकार को रमजान को देखते हुए एक बार फिर से कोविड केसों में बढ़ोतरी का अंदेशा हैं, इसलिए कोविड नियमों को पहले से भी सख्त बना दिया गया हैं।

बता दें कि यूएई सरकार ने कोविड के नियमित टेस्ट को अनिवार्य बना दिया हैं। इतना ही नहीं अबू धाबी में रह रहे लोगों को कोविड की निगेटिव पीसीआर टेस्ट हर दो सप्ताह पर दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है, बिना इसके सरकारी भवनों में प्रवेश वर्जित रहेगा।