किसान आंदोलन का आज 22वां दिन: किसानों को राहत की खबर, सुप्रीम कोर्ट ने कहा प्रदर्शन किसानों का हक

किसान आंदोलन को चलते हुए अब 20 दिन से ज्यादा का समय हो चुका है। किसान लगातार अपनी मांगों को मनवाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के विरोध में हैं। वहीं पंजाब और हरियाणा के किसान दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं। हालांकि किसान और सरकार के बीच वार्ताएं भी हुई हैं लेकिन अभी तक कोई ठोस हल नहीं निकल पाया है।

हाल ही में किसान आंदोलन को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट में सरकार द्वारा दायर याचिका पर फ़िलहाल सुनवाई टल गई है आपको बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी जिसमें कहा गया था कि देश में चल रहे किसान आंदोलन को रोका जाए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इससे साफ इनकार कर दिया।

केंद्र द्वारा दायर याचिका पर आखिर क्या कहा.

दरअसल केंद्र सरकार द्वारा किसान आंदोलन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई थी जिसमें केंद्र सरकार की ओर से पक्ष रख रहे चर्चित वकील हरीश साल्वे ने कोर्ट में कहा कि’ देश में चल रहे किसान आंदोलन की वजह से दिल्ली आने वाली सभी मार्ग बंद है. मार्गो के बंद होने से दूध, सब्जियां और फलों की आपूर्ति बंद हो गई है जिसकी वजह से इनके दाम बढ़ गए हैं।

साल्बे आगे कहते हैं कि शहर को बंदी बनाकर आप अपनी मांगों को नहीं मनवा सकते. विरोध करने का सभी को अधिकार है लेकिन यह दूसरे मौलिक अधिकारों के साथ संतुलित होना चाहिए. केंद्र सरकार की ओर से पक्ष रख रहे हो वकील हरीश साल्वे के इस वक्तव्य के बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ‘ हम प्रदर्शन करने के मौलिक अधिकार को मानते हैं।

इसको हम बाधित नहीं करेंगे हम स्पष्ट करते हैं कि हम कानून के विरोध में मौलिक अधिकारों को मान्यता देते हैं और इस पर रोक लगाने का कोई सवाल ही नहीं है लेकिन इससे किसी की भी जान को नुकसान नहीं होना चाहिए।

आपको बता दें कि दायर याचिकाओं में कृषि कानूनों के संवैधानिक होने या ना होने पर भी याचिका दायर की गई थी जिस पर सुनवाई करते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली सर्वोच्च न्यायालय की पीठ ने साफ शब्दों में कहा कि हाल ही में वे केंद्र सरकार द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के संविधानिक होने या ना होने पर कोई फैसला नहीं देंगे वरन आज सिर्फ विरोध प्रदर्शन और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को लेकर फैसला देंगे।

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