एक्‍शन में शिंदे-फडणवीस सरकार, पहली ही बैठक में उद्धव सरकार का ये बड़ा फैसला पलटा

महाराष्ट्र में हफ्ते भर से जारी सियासी संकट शिवसेना की गठबंधन सरकार गिरने के साथ ही थम गया हैं। अब सूबे में एकनाथ शिंदे की सरकार आ चुकी हैं। गुरूवार को शिंदे ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, इसके साथ ही देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री बनाए गए। वहीं शिंदे सरकार ने अपनी पहली कैबिनेट बैठक में उद्धव ठाकरे सरकार द्वारा लिए गए एक बड़े फैसले को पलट दिया हैं।

फडणवीस की मांग के बाद मुंबई के आरे में ही मेट्रो 3 कार शेड बनाने का फैसला सीएम एकनाश शिंदे ने लिया है। बता दें कि उद्धव सरकार ने इस प्रोजेक्ट को आरे कॉलोनी से पर्यावरण संबंधी चिंताओं के चलते बाहर कर दिया था।

शिंदे सरकार ने पलटा उद्धव का फैसला

इसे कंजूरमार्ग प्लॉट पर लागू करने का निर्णय लिया गया था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार शहरी विकास विभाग के अधिकारियों को फडणवीस ने निर्देश दिए हैं कि वह आरे में मेट्रो कार शेड बनाने का प्रस्‍ताव तैयार करके कैबिनेट के समक्ष पेश करें।

इसके अलावा उन्होंने आईएएस अधिकारियों से कार शेड आरे में बनाया जाएगा, इसकी सूचना एडवोकेट जनरल के जरिये कोर्ट को दी जाए क्‍या? इस पर भी सुझाव मांगा हैं।

वहीं फडणवीस के इस का एकनाथ शिंदे ने समर्थन किया है। आपको बता दें कि पिछले लंबे वक्‍त से शिवसेना और बीजेपी आरे में मेट्रो कार शेड बनाने को लेकर आमने-सामने रहे हैं।

उद्धव ठाकरे ने सत्ता में आने के अगले ही दिन 29 नवंबर 2019 को आरे में कार शेड बनाने के फडणवीस सरकार के फैसले को बदल दिया था। वहीं अब बीजेपी ने सत्‍ता में वापसी के साथ ठाकरे सरकार के फैसले को उलट दिया हैं।

बता दें कि आरे में कार शेड बनाने का कई पर्यावरणविदों ने कड़ा विरोध किया है। दरअसल आरे जंगल संजय गांधी नेशनल पार्क के अंतर्गत आता हैं जो कई प्रकार के तेंदुओं का घर है।

इसके अलावा यहां कई प्रकार के महत्वपूर्ण पेड़ भी हैं, जो पूरे शहर की हरियाली को बनाए रखते हैं। आरे से कार शेड हटाने की मांग को लेकर उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे ने भी प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया था।

यह उद्धव ठाकरे की अंहकार संतुष्टि थी

महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की ठाकरे सरकार ने आरे की जंगल वाली 804 एकड़ भूमि को ‘सुरक्षित जंगल’ घोषित कर दिया था और इसकी जगह कार शेड कंजूरमार्ग में बनाने का फैसला लिया था।

लेकिन दिसंबर 2020 में बॉम्बे हाईकोर्ट में कंजूरमार्ग में कार शेड बनाने सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी। बीजेपी का कहना हैं कि ठाकरे अपने अहंकार की संतुष्टि के लिए कार शेड को आरे से बाहर शिफ्ट कर रहे हैं।

ठाकरे सरकार के इस फैसले के चलते अंडरग्राउंड मेट्रो परियोजना के निर्माण में 4 साल की देरी आएगी और इसकी लागत में भी वृद्धि हो जाएगी।