उर्फी जावेद ने मुस्लिम कट्टरपंथियों पर जमकर साधा निशाना, 4 शादियों और 5 वक्त की नमाज पर कहे दि ये बातें , देखें वीडियो

सोशल मीडिया सेंसेशन और बिग बॉस OTT की एक्स कंटेस्टेंट और उर्फी जावेद अपने ड्रेसिंग सेंस को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहती हैं लेकिन इस बार उनके सुर्खियों में आने की वजह उनका विरोध हैं। लोग उन्हें उनकी ड्रेस के लिए ट्रोल करते हैं। मुस्लिम क’ट्टरपंथि’यों द्वारा हमेशा से ही उर्फी को कपड़े पहने और तमीज से रहने की सलाह दी जाती है। साथ ही उसे इस्लाम के नियम पालन करने की भी एडवाइस दी जाती है।

लेकिन इस बार उर्फी ने भी पलटवार कर इस्लाम धर्म से जुड़े कई सारे सवाल क’ट्टरपं’थि’यों के सामने उठाए है।महिलाओ के बुर्खा पहनने और पर्दा करने और की बात पर उर्फी ने कहा कि इस्लाम में पर्दा करने की बात तो कही गई है लेकिन बुर्खा और पर्दे पर जबरदस्ती कराने की बात नहीं की गई है। आगे उर्फी कहेती है कि ये नियम तो डेढ़ हजार साल पुराने हैं, यह सभी उस दौर की बात है जब लड़कियों के पास उनके कोई राइट्स ही नहीं थे।

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लेकिन अब ऐसा नहीं है। उर्फी कहेती है कि मर्दों के लिए भी रुल्स हैं और उन्हें भी लड़कियों की तरफ नजरे नही उठानी चाहिए। मर्दों को अपनी नजरों का पर्दा करना चाहिए। उर्फी ने आगे माफी मांगते हुए कहा कि जो लोग इंस्टाग्राम पर लड़कियों को देखते हैं और उनकी फोटो पर भद्दे कमेंट्स करते हैं ये सब भी तो हराम ही है.

कोई नही पढ़ता पांच वक्त की नमाज- उर्फी

उर्फी आगे कहेती हैं कि, “इस्लाम धर्म में चार शादियों की इजाजत इसलिए दी गई, क्योंकि उस दौर में औरतों के शौहर मर जाने के बाद लोग उनसे दुर्व्यवहार करते थे। उन महिलाओ को इतना हक़ नहीं था कि वो न्याय की गुहार लगाएं। इसलिए उस दौर में इस्लाम में चार शादियो की परमिशन दी गई थीं।

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लेकिन अब डेढ़ हजार साल बाद, क्या मैं दबी हुई मुस्लिम महिला लग रही हूं? नहीं, मैं नहीं हूं। मुझे सलाह मत दिजिये कि मैं अपनी बॉडी के साथ क्या करूं, कैसे कपड़े पहनूं। इस्लाम में तो बहुत सारी चीजें लिखी हैं, जिसका आप खुद भी पालन नहीं करते लेकिन एक लड़की को यह सलाह देते हो कि वो कैसे कपड़े पहने।”

यहां देखें उर्फी के सवाल

उर्फी ने कहा कि प्री-मैरिटल से-क्स भी हराम होने के बावजुद इसका चलन है। आगेउर्फी ने पांच वक्त की नमाज पर कहा, ”कितने ऐसे लोग हैं, जो हर रोज पांच वक्त की नमाज पढ़ते हैं? मुझे तो नहीं लगता कि कोई भी ऐसा होगा, क्योंकि अगर आप पांच वक्त की नमाज पाबंदी से पढ़ते है तो फिर सोशल मीडिया पर लड़कियों की फोटो पर कमेंट करने का टाइम कहा से मिलता है।”

आपको बता दें उर्फी जावेद अपने अजीबोगरीब फैशन सेंस को लेकर हमेशा ही सुर्खियों में रहती हैं। इसके अलावा वह मुस्लिम समुदाय को लेकर भी खुलकर अपनी राय रखती हैं। हाल ही में उर्फी ने यह कहा था कि उनके इंस्टाग्राम पोस्ट पर अधिकतर गंदे कमेंट्स मुसलमानों के ही होते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी कहे दिया था कि वह कभी भी किसी मुस्लिम लड़के से शादी नहीं करेंगी।

मैं इस्लाम को फॉलो नहीं करती- उर्फी

उर्फी ने आखिर में कहा कि, ‘मैं मैं इस्लाम को फॉलो ही नहीं करती हूं। अल्लाह का कहना है कि आप जो भी करो उसे दिल से करो। अगर आप दिल से नहीं कर रहे हैं या फिर सिर्फ ऊपर जाने के इरादे से कर रहे हैं. यानी आप पांच वक्त की नमाज और जो कुछ भी कर रहे हो, तो आपको जन्नत नसीब नहीं होगी।

इससे तो बेहतर यही है कि आप किसी इंसान, किसी गरीब की मदद करो और औरतों को अपने नजरिए देखना बंद कर दो, उन पर अपनी बाते थोपना बंध कर दो और तब ही आप एक सच्चे मुसलमान कहलाओगे’