मुसलमान के बच्चे ट्रेंड का’ति’ल हैं कहने वाले संत नरसिंहानंद की पुलिस ने खोल दी पोल

यूपी के गाजियाबाद स्थित डासना मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद सरस्वती ने एक मुस्लिम बच्चे को पकड़कर रविवार को स्थानीय पुलिस के हवाले किया था. इसे लेकर उन्होंने दावा किया था कि यह​ बच्चा मंदिर में रेकी करने के उद्देश्य से आया था. उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि आसिफ के बाद अब अनस. आज रेकी करते हुए मंदिर परिसर में पकड़ा गया.

उन्होंने पुलिस को निशाने पर लेते हुए आगे लिखा कि ये मुस्लिमों के बच्चे ट्रेंड कातिल हैं और हमारी सुरक्षा के लिए लगाई पुलिस जाने कहां सोती हुई रहती है जो उन्हें मुसलमान नही दिखाई देते है.

मुसलमान के बच्चे ट्रेंड काति’ल हैं

लेकिन मंहत का यह दावा खोखला निकला. दरअसल इस मामले को लेकर गाजियाबाद पुलिस ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि यह बच्चा धोखे से मंदिर परिसर में घुस गया था.

यति नरसिंहानंद ने हाल ही में अपने सोशल मीडिया एकाउंट से एक वीडियो शेयर किया था. जिसमें पुलिस एक लड़के को पकड़े हुए नजर आ रही है.

वीडियो में नरसिंहानंद कहते है कि यह एक मुस्लिम लड़का है जिसे मेरे यज्ञ से उठने के बाद पकड़ा गया. यह रेकी करने आया था लेकिन हमने वक्त रहते इसे पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया. मंदिर परिसर में किसी ने भी उसे हाथ तक नहीं लगाया.

मंदिर के महंत ने आगे कहा कि मैं पुलिस से कहना चाहूँगा कि यह ह’मले की तैयारी है. इसे हल्के में ना लिया जाए यह बड़े हम’ले की तैयारी है. उन्होंने कहा कि यह बच्चा रेकी है और हम’ले की तैयारी है. यह मेरी ह’त्या करने का प्रयास है.

वहीं वीडियो में लड़का बताता है कि वो हाल ही में तेजपुर से डासना शिफ्ट हुआ है और अपने पिता की खोज करते करते गलती से मंदिर में पहुंच गया था.

नरसिंहानंद के आरोप निराधार- पुलिस

वहीं इस मामले को लेकर जांच-पड़ताल करने के बाद गाजियाबाद पुलिस ने एक बयान जारी करके बताया कि अनस डासना मंदिर के पास बने सीएचसी हॉस्पिटल में आया था. वह इलाके में नया होने की वजह से मंदिर के बारे में जनकारी नहीं रखता है.

अनस अनपढ़ होने के चलते मंदिर के द्वार और अस्पताल के गेट में अंतर नहीं कर सका और भीड़ के पीछे मंदिर में प्रवेश कर गया. जब उसके बयानों की जांच की गई तो उसके परिजन हॉस्पिटल में इलाज करवाते पाए गए.

इसके आलावा अनस की तलाशी के दौरान उसके पास से कोई भी आपत्ति’जनक वस्तु प्राप्त नहीं की गई. पुलिस ने कहा कि वो गलती से ही मंदिर में घुस गया था.

नरसिंहानंद ने जाहिर किया असंतोष

वहीं यति नरसिंहानंद ने गाजियाबाद पुलिस के इस बयान पर असंतोष व्यक्त किया है. उन्होंने लिखा है कि डासना के इसी कस्बे में नाबालिग बच्चो के द्वारा ही बएस तोमर की ह’त्या कर दी गई थी.

यह बच्चे कभी प्यासे होते हैं, कभी भटके हुए होते है और जैसे ही इन्हें मौका मिलता है यह नरेशानंद जी जैसे संतो को सोते हुए में चाकू से गो’द कर उनके प्रा’ण हर लेते है. फिर पुलिस खामोश रहती है क्योंकि घट’ना के बाद सुनाने के लिए उनके पास कोई कहानी नहीं होती हैं.